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Vastu Tips

वास्तु टिप्स

मुख्य द्वार के दोनों ओर खिड़कियाँ नहीं होनी चाहिए|

अधिक खिड़कियों ज्यादा प्रकाश व गर्मी को अन्दर लाती है जिससे धर में क्लि और यीन और यान्ग का सन्तुलन बिगड़ता है। यह अशुभ घटनाओ का प्रतीक है। दरवाजों के दोनों तरफ़ खिड़कियों होने से 'ची' की सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। जिसके कारण गृहस्वामी कई प्रकार की समस्याओँ में धिर जाता है। इस दोष को दूर करने के लिए खिड़कियों मेँ फूलों के गमले रख दे या परदे लगा दो या खिड़कियों मे मनिपलांट लगा दे|

घर के मुख्य द्वार के सामने शौचालय और स्नान घर नही होना चाहिए|

अगर घर के मुख्य द्वार के सामने शौचालय और स्नान घर आता हो तो इनके दरवाजे हमेशा बंद रखे क्योंकि ये घर मे प्रवेश करने वाली 'ची' को दूषित कर देते है. इससे घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा फैलती है| इस दोष को दूर करने के लिए यीन यान्ग बागुआ को शौचघर के दरवाजे के ऊपर लगाए|

खिड़कियाँ बाहर की तरफ खुलनी अच्छी होती है|

घर के सभी खिड़कियां बाहर की तरफ खुलनी चाहिए। सौभाग्य के लिए खिडकियों को अधिक से अधिक खोलना चाहिए| बाहर को खुलने वाली खिड़कियां अच्छी ऊर्जा को घर मे लाती है|

मुख्य द्वार के सामने रसोई घर नहीं होना त्ताहिए|

अगर मुख्य द्वार के सामने रसोई घर आता हो तो इससे घर मे प्रवेश करने वाली 'ची' विलुप्त जो जती है। जिस वजह से घर मे रहने वेल परिजनो कीं सेहत खराब होती है। इस दोष को दूर करने के लिए रसोई घर के दरवाजे के ऊपर गणपति बागआ लगा|

रात को कपडे बाहर न सुखाए|

कपडे हमेशा धूप में या खुली हवा मे ही सुखाने चाहिए। इससे कपडों पर यांग ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है जो कि हमारे शरीर के लिए अच्छा होता है| रात को कपडे सुखाने से मृत्त 'ची' कपड़ो पर बुरा असर डालती है|

मकान में कैक्टस के पौधे ना लगाए|

घर आँफिस या दुकान मेँ कभी भी कैक्टस के पौधे ना लगाएं। इसे घर के मुरव्य द्वार के सामने कभी ना रखे। इससे हमारे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है। जिससे धन और स्वास्थ्य दोनों की हानि होती है|

बंद घड़ियाँ घर मे अशुभ होती है|

बन्द घडियाँ घर मे नहीं रखनी चाहिए या तो इन्हें ठीक करा ले या फिर इन बन्द घड़ियों को उतार कर रख दे| ये बन्द घड़ियाँ हमारे दुर्भाग्य को आमंत्रित करती हैं। जिससे हमारा हमेशा नुकसान होता है|

झाड़ू और कूडादान हमेशा छुपाकर रखे|

कूडादान हमेशा बन्द होने वाला ही लेना चाहिए और झाडू हमेशा छुपाकर ही रखना चाहिए, नहीं तो इससे हमारे घर में जो सकारात्मक ऊर्जा होती है उनका हास होता है और झाडू को रसोई घर मे कभी भी नहीं रखना चाहिए इससे ये अन्न और आय दोनो मे कमी आती है इसलिए कूड़ेदान और झाड़ू को कहीं छुपाकर ही रखना चाहिए|

चाकू, केंची खुले स्थान पर ना रखे और ना ही उपहार में दे|

चाकू, केँची जैसी वस्तुएं वक्त पड़ने पर हिसात्मक रूप धारण कर लेती है जो की हमारे लिए दुर्भाग्य के द्वार खोलती है। इन चीज़ो का प्रयोग करने के बाद इन्हे उचित स्थान पर बन्द करके रखना चाहिए| धातु की होने की वजह से इन्हें घर के पूर्व और दक्षिण पूर्व दिशा मे नही रखना चाहिए क्योंकि इन दिशाओं का तत्व लकडी है| धातु लकड़ी को नष्ट कर देती है| जिसकी वजह से हमारा स्वास्थ्य खराब रहता है, और धन हानि होती है|

रसोई घर मे सिंक और चूल्हा कभी पास ना रखे|

रसोई घर मे सिंक और चूल्हा हमेशा दूर रखे, सिंक जल तत्व तथा चूल्हा अग्नि तत्व का प्रतीक है| ये दोनो एक दूसरे के विरोधी तत्व है| अगर ऐसा है तो परिवार मे कोई ना कोई व्यक्ति बीमार ज़रूर रहता है और आपस मे झगड़ा रहता है|

सीढियों के नीचे शौचलय, स्नानघर और रसोई घर नहीं होना चाहिए|

सीढियों के नीचे शौचालय, स्नानघर या रसोईघर नहीं होना चाहिएं, इन सभी मे पानी बहता है। पानी का सीढियों के नीचे बहना अशुभ हैं अगर ऐसा है तो इस दोष को दूर करने के लिए आप क्रिस्टल बॉल उचित जगह पर टोंग दें और सीढियों के नीचे स्टोर बना सकते है|

मुख्य द्वार के सामने सीढियां नहीं होनी चाहिए|

मुख्य द्वार के सामने सीढ़ी होना वास्तु के अनुसार दोष माना जाता है ऐसा होने से घर मे प्रवेश करने वालीं ची दूषित हो जाती है| इससे घर के मलिक को शारीरिक तथा आर्थिक नुकसान उठना पड़ता है. उसके उपाय के लिए या तो सीढी के ऊपर क्रिस्टल बॉल टाँगे या फिर बीच मे पार्टीशन उसका निवारण करना चाहिए|

नए घर में प्रवेश करने से पहले उसे अच्छी तरह स्राफ करें|

जब भी आप कोई नया धर ले या दुकान तो पहले उसमे नमक मिले पानी का पोछा लगाएं और उस घर को अच्छे से साफ़ करे उसके अलावा पूरे घर मेँ अगरबत्ती जलाएं और जो भी सामान टूटा-फूटा हो उसकी रिपेयर कराएं और धर मेँ वास्तु पूजन, हवन ज़रूर कराए|

पति पत्नी हमेशा एक ही तकिये पर सोये|

पति पत्नी को हमेशा एक ही तकिये पर सोना चाहिए। इससे वो कभी भी एक दूसरे से अलग नहीं होते। और अलग - अलग तकिये उनके लिए अशुभ हैं क्योकि ये उनके अलग होने का कारण बन सकते हैं इसलिए पति पत्नी एक बड़े तकिए का प्रयोग करे|

शयन कक्ष मे कभी भी पानी के झरने और समुंद्र के चित्र न लगाएं|

शयन कक्ष मेँ कभी भी पानी के झरने और समुद्र के चित्र न लगाएं और अगर इस तरह का कोई भी दृश्य (चित्र) शयन कक्ष में लगा हो तो उसे तुरन्त उतार देना चाहिए जो कि मियां बीवी के आपसी त्ताल मेल का खराब करने का कारण हो सकता है|

लंबे गलियारे में दर्पण जरुर लगाए|

अगर आपका गलियारा बहुत लम्बा हो तो वास्तु के अनुसार ये दोष होता हैं। इस दोष को दूर करने के लिए साइड की दीवार मे दर्पण लगाना चाहिए|

बेसमेंट मे हमेशा दवाब रहते है|

फेंगशुई के अनुसार बेसमेंट मे रहने वाले हमेशा दवाब मे औरटेंशन मे रहते है| बेसमेंट मे लगे बीम के उपर बाँसुरिया लाल रिबन से बांधनी चाहिए| बेसमेंट मे पूरी रोशनी होनी चाहिए जो कि छत की तरफ से आनी चाहिए|

घर के मुख्य द्वार के सामने दर्पण नही होना चाहिए|

घर के मुख्य द्वार के सामने कभी भी दर्पण ना लगाए इसकी वजह से जो 'ची' घर मे प्रवेश करती है दर्पण होने की वजह से वो दर्पण से परावर्तित होकर वापिस लौट जाती है|

सूखे फूल घर मे कभी ना रखे|

ताजे फूल यांग उर्जा के प्रतीक होते है| जो कि हमारे सौभाग्य के लिए अच्छे होते है परन्तु सूखे फूल घर के अन्दर नकारात्मक उर्जा को फैलाते है इसलिए सूखे फूलो को तुरन्त हटा देना चाहिए|

हफ्ते में एक बार अपने घर में नमक के पानी का पोंछा जरुर लगाएं|

अगर आप हफ्ते मे एक बार नमक मिले पानी का पोंछा अपने घर मे लगाते है तो नकारात्मक उर्जा काफ़ी मात्रा मे कम होती है और घर मे सकारात्मक उर्जा मे वृद्धि होती है|

रसोई घर मे काले ग्रेनाईट का स्लैब नही होना चाहिए|

काले रंग के ग्रेनाईट की स्लैब को पानी तत्व का प्रतीक माना गया है इसलिए काले रंग की ग्रेनाइट रसोई घर मे नही होनी चाहिए क्योंकि आग और पानी पास-पास नहीं होना चाहिए । अगर आप ग्रेनाइट को हटा नही सकते तो गॅस चूल्‍हे के नीचे लक्कड़ या कोई चटाई बिछा देना चाहिए| वास्तु के अनुसार पीले रंग का बल्ब लगाने से भी ये दोष दूर होता है|
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कुंडली का मतलब जन्म के समय ग्रहों की स्थिति है| जब भी कोई बच्चा किसी परिवार में पैदा होता है तो उस नवजात शिशु की जन्मपत्री(जतकम, या कुंडली) बनाई जाती है| इस प्रथा का हिंदू परिवार में सदियों से पालन किया जाता है| उसकी जतकम या कुण्डली हिन्दू वैदिक ज्योतिषी पर आधारित होती है| इसलिए, जनम कुंडली हमारे जीवन को गहराई से समझने तथा उसे बेहतर बनाने के लिए और शांति, सफलता और समृद्धि के पथ पर हमारे जीवन को चलाने के लिए बहुत ज़रूरी है|


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